देवप्रयाग-बमाणा मार्ग पर खटगीर गांव के समीप मुनेठ के पूर्व प्रधान ने हिम्मत दिखाकर दूध के कंटेनर से गुलदार पर हमला कर उसे भगाकर जान बचाई। हालांकि इस दौरान उन्हें हल्की खरोंच भी आई हैं, लेकिन उनकी जान बच गई है।
मुनेठ के पूर्व प्रधान दिगंबर रावत की दुकान है। दुकान में दूध बेचने के लिए वह रोजाना कांडाधार गांव से दूध एकत्र कर लाते हैं। रविवार सुबह करीब पांच बजे वह हमेशा की तरह अपनी बाइक से कांडाधार के लिए निकले, लेकिन खटगीर गांव के समीप अचानक झाड़ियों में छिपे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। गुलदार ने उनके पैरों में तीखे नाखून मारकर लहूलुहान कर दिया।
गुलदार के हमला करते ही दिगंबर ने बाइक में रखे खाली कंटेनर से उस पर मारना शुरू कर दिया, जिससे वह भाग गया। दिगंबर बाइक से सीएचसी पहुंचे। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद टोडरिया ने बताया कि पिछले एक माह से गुलदार बाइक सवारों पर हमला करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है।
पिंजरे में कैद नहीं हो पाया गुलदार
श्रीनगर। मलेथा में युवती को शिकार बनाने वाले गुलदार की तलाश में वन विभाग शनिवार रात घूमती रही, लेकिन घटनास्थल के आसपास गुलदार की मूवमेंट नहीं दिखी। वन विभाग के अनुसार शरारती तत्वों की ओर से रात के समय शोर मचाने की वजह से संभवतया गुलदार घटनास्थल की ओर नहीं आया।
कीर्तिनगर तहसील के मलेथा गांव में बदरीनाथ से सटे घर के बरामदे में सो रही युवती दुर्गा को शुक्रवार रात मार डाला था। घर से करीब 100 मीटर दूर खेतों में रात में उसका अधखाया शव मिला। घटना के बाद वन विभाग ने उक्त स्थान में पिंजड़ा लगा दिया है। साथ ही प्रमुख वन्य जीव संरक्षक से गुलदार को आदमखोर घोषित कर शूट करने की अनुमति मांगी है। शनिवार रात गुलदार के छोड़े गए शिकार के स्थान पर आने की संभावना थी, लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने रात में शोर मचा दिया।