पोखड़ा के गवाणी गांव में लोकनृत्य की प्रस्तुति देते ग्रामीण।
- फोटो : PAURI
अगरोड़ा में आयोजित कफोलस्यू महोत्सव का दूसरा दिन युवा लोकगायक जितेंद्र झिरवाण के नाम रहा। महोत्सव में क्षेत्र के महिला मंगल दलों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समा बांधा। महिला मंगल दलों ने थड़िया, चौफला सहित विभिन्न लोकगीतों व लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दी। वहीं स्कूली छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शकों की वाहवाही बटोरी।
बृहस्पतिवार को दो दिनों की बारिश से बाधित रहे कफोलस्यूं महोत्सव के दूसरे दिन के आयोजन का शुभारंभ मुख्य अतिथि नयार घाटी समिति सतपुली के अध्यक्ष जगदंबा डंगवाल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह महोत्सव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महोत्सव में युवा लोकगायक जितेंद्र झिरवाण ने भैरों जागर से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद जितेंद्र ने फ्वां बागा रे, भोले बाबा कैलाश रेंदन सहित अनेक गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में महिला मंगल दल कोलड़ी, डांग, ध्वीली ने थड़िया, चौफला, झुमेलो की प्रस्तुतियां दी। इसके अलावा ध्वीली की ग्रामीण महिलाओं ने फौजी के जीवन पर आधारित नाटिका फौजी के घर व नौकरी के अंतरद्वद को मार्मिक रुप में प्रस्तुति पर दर्शक भावविभोर हो गए। जनता इंटर कालेज परसुंडाखाल की छात्रा कशिश रावत ने नशामुक्ति पर भाषण के माध्यम से विचार व्यक्त किए। दोबिंडा के ग्रामीण बच्चों ने लोकनृत्य कर शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मातबर बिष्ट, नरेश सुंदरियाल, अचलानंद डोबरियाल, पुष्पेंद्र राणा, प्रिंस भट्ट, शुभम, राहुल संतोष, आयोजन समिति के अध्यक्ष गौरव रावत, देवेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।