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पौड़ी के दो होनहार वायु सेना में बने फ्लाइंग अफसर, क्षेत्र में खुशी का माहौल

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जनपद पौड़ी ने देश को सैन्य अधिकारी देने की परंपरा जारी रखी है। इस बार जनपद ने देश को दो फ्लाइंग अफसर दिए हैं। पाबौ के चोपडियूं गांव के किसान ज्ञानपाल का छोटा बेटा शंकर और असवालस्यूं पट्टी स्थित महड़ गांव निवासी अनिल बिष्ट की बेटी निधि आसमान छूने को तैयार हैं। दोनों की कामयाबी से जिले में खुशी की लहर है।
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ब्लॉक पाबौ के चोपडियूं गांव में निवासी किसान ज्ञानपाल सिंह कठैत का छोटा बेटा शंकर सिंह कठैत वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बन गया है। शंकर की प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर पैठाणी से हुई है। 12वीं तक की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय जयहरीखाल से उत्तीर्ण की। इसके बाद शंकर ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर से बीटेक किया। शंकर का चयन पिछले साल दिसंबर माह में वायु सेना के लिए हुआ। शंकर के पिता ज्ञानपाल सिंह गांव में बागवानी करते हैं। माता धनेश्वरी कठैत गृहिणी हैं। पिता ज्ञानपाल सिंह का कहना है कि उनके बड़े भाई कर्नल ध्यानपाल सिंह कठैत व दीदी ग्रुप कैप्टन संगीता शंकर के प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उनकी प्रेरणा से ही शंकर वायु सेना में अधिकारी बनने में सफल रहा है।
वहीं पौड़ी की बेटी निधि भी वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बन गई हैं। असवालस्यूं पट्टी स्थित महड़ गांव निवासी अनिल बिष्ट व ऊषा बिष्ट की बेटी निधि बंगलूरू में पीओपी के बाद वायु सेना का हिस्सा बनी हैं। निधि का जन्म 16 जुलाई 1996 में महड़ गांव में हुआ। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षा सेंजो स्कूल चौरास टिहरी और मॉडर्न स्कूल ऋषिकेश से पूरी की। डीएवी पब्लिक स्कूल देहरादून से वर्ष 2011 में दसवीं व 2013 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। दिल्ली विवि के मैत्री कालेज से फिजिक्स ऑनर्स और एफआरआई से स्नात्तकोत्तर किया। निधि एफआरआई से पीएचडी करने के साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं। इसी दौरान अगस्त 2020 में निधि का चयन वायु सेना में हो गया। निधि के पिता सिविल इंजीनियर हैं, माता ऊषा बिष्ट गृहिणी होने के साथ ही उनकी प्रेरणास्रोत भी हैं।
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