भारी बारिश से अलकनंदा नदी में सिल्ट और मलबा आने के कारण पंपिंग पेयजल योजनाओं ने काम करना बंद कर दिया है। इसके कारण टिहरी के दर्जनों गांव में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। वहीं पौड़ी के श्रीनगर मेें आंशिक रूप से पेयजल आपूर्ति हुई। जलापूर्ति करने वाले विभागों के अनुसार नदी का जल स्तर कम होने के बाद स्थिति सामान्य हो पाएगी। हालांकि कुछ इलाकों में टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
श्रीनगर जल विद्युत परियोजना झील से अलकनंदा नदी के पूरे पानी की निकासी करने के कारण शक्ति नहर में पानी नहीं है। पौड़ी, श्रीनगर और श्रीकोट की पेयजल योजना परियोजना की डीएसबी (डी-सिल्ट बेसिन) से जोड़ी गई है। इस वजह से यहां से जलापूर्ति बंद हो गई है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता सोहन जेठूड़ी ने बताया कि श्रीकोट व श्रीनगर में आंशिक जलापूर्ति की गई है। पौड़ी पंपिंग स्टेशन की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण पौड़ी की आपूर्ति बाधित हो गई है। श्रीनगर और पौड़ी के लिए पंप चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्रीकोट में पंप पानी में डूबे हुए हैं।
वहीं, टिहरी में अकरी-बारजूला, कोटेश्वर-सिल्काखाल, कोटेश्वर-चुन्नीखाल, लक्ष्मोली-हाड़िमधार और बागवान-हिंडोलाखाल पंपिंग पेयजल योजनाएं बंद हो गई हैं। जल संस्थान देवप्रयाग के ईई नरेश पाल ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। हिंडोलाखाल में ग्रेविटी पेयजल योजना से काम चल रहा है। नदी में सिल्ट कम होने पर पंप काम कर पाएंगे।