श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के लोस्तु क्षेत्र के जंगल में लगी आग ने ग्रामीणों की आजीविका पर गहरा असर डाला है। जंगल के जलने से पशुपालकों के सामने अपने पशुओं के लिए चारापत्ती का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में चारा व्यवस्था पूरी तरह जंगल पर निर्भर थी, जो अब समाप्त हो चुकी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य रघुवीर सिंह भंडारी ने बताया कि गांव के सड़क से सटे जंगल में भीषण आग लग गई थी, जिससे बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर राख हो गई। इसी जंगल से ग्राम खोला, कोडी, घंडियालधार, पंयाखोली सहित अन्य गांवों के ग्रामीण अपने पशुओं के लिए चारा व घरों में जलाने के लिए सूखी लकड़ी लाया करते थे। जंगल के जलने के बाद पशुओं के लिए चारे का मुख्य स्रोत खत्म हो गया है जिससे ग्रामीण महिलाओं के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में गुलदार और भालू की लगातार सक्रियता बनी हुई है जिससे जंगल जाना जोखिम भरा है। बावजूद इसके, पशुओं के पालन की मजबूरी के चलते महिलाओं को गांव से तीन से पांच किलोमीटर दूर तक चारा लाने जाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए हरा चारा और भूसा उपलब्ध कराया जाए।