पत्नी की ओर से कोर्ट में चल रहे घरेलू हिंसा के मामले में पेशी पर आया पति कोर्ट परिसर में पत्नी पक्ष के वकील से भिड़ बैठा। जिससे परिसर में हंगामा हो गया।
नौबत हाथापाई तक जा पहुंची। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को बच्चों समेत कोतवाली ले आई। घटनाक्रम से पत्नी पक्ष के वकील की तबियत खराब हो गई और वह बेहोश हो गए।
उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
पुलिस के अनुसार कलालघाटी बालागंज निवासी मनमोहन काला के खिलाफ उनकी पत्नी रोशनी देवी ने घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया है।
इस मामले में पेशी के लिए वह अपने दो बच्चों समेत कोर्ट पहुंचे ही थे कि पत्नी पक्ष के वकील जितेंद्र रावत के साथ भिड़ बैठे। मामला बढ़ने पर हंगामा हो गया। नौबत हाथापाई तक जा पहुंची।
जिससे अन्य साथी वकील भी भड़क गए। इस बीच वह न्यायालय में पेश हो गया। मनमोहन की अभद्रता से भड़के कुछ वकील मनमोहन की धुनाई के चक्कर में थे।
स्थिति भांपते हुए पुलिस ने स्थिति संभाल ली और उसे अपने वाहन में बिठाकर सीधे कोतवाली ले आई। कोतवाल प्रमोद शाह ने बताया कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
अभद्रता के आरोपी के घटना पर खेद जताने और लिखित माफीनामे के बाद उसे छोड़ दिया गया। संबंधित वकील की ओर से भी कोई तहरीर नहीं आई है। उनकी तबियत अब ठीक है। उच्च रक्तचाप के चलते उनकी तबियत खराब हो गई थी।
पूछताछ में मनमोहन काला ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनकी पत्नी को गुमराह कर रहे हैं, जिसके चलते उसका अच्छा-खासा घर बर्बाद हो रहा है। वह फौज की नौकरी पर है। नौ साल की बड़ी बेटी है, जबकि पांच साल का बेटा ब्रेन हेमरेज के कारण विकलांग जैसी स्थिति में है। पत्नी के साथ समझौता भी हो गया था। लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा है, इसी बात से वह परेशान है। हालत यह है कि कोर्ट की पेशी के दौरान भी विकलांग बच्चे को साथ लाना पड़ रहा है।