श्रीनगर। कीर्तिनगर विकासखंड के भ्यूपाणी गांव की सड़क की हालत गांव साल बाद भी नहीं सुधर पाई है। सड़क के कई जगह संकरी और खतरनाक होने के कारण कारगिल युद्ध के बलिदानी के इस गांव के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं जिससे विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है।
गांव के बच्चों को करीब चार किलोमीटर दूर महरगांव के स्कूल जाने के लिए इसी जर्जर मार्ग से गुजरना पड़ता है। स्थानीय जयपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है और बरसात में सड़क बंद होने पर दो हफ्ते तक वाहनों की आवाजाही ठप रहती है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रताप सिंह भंडारी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डामरीकरण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। वहीं लोनिवि कीर्तिनगर के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस मार्ग को मास्टर प्लान में शामिल किया जा रहा है और अगले वर्ष तक इसका डामरीकरण व सुधारीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।