पौड़ी। जनगणना के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रथम दिवस सोमवार को तीनों केंद्रों पर प्रशिक्षण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना से जुड़ी मूलभूत अवधारणाओं, कानूनी प्रावधानों और तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
फील्ड ट्रेनरों ने मकान सूचीकरण (गृह सूचीकरण अभियान) के तहत भवन, मकान, परिवार और परिसर की स्पष्ट परिभाषा समझाईं। प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को गृह सूचीकरण मोबाइल ऐप के संचालन, स्थापना और लॉगिन प्रक्रिया के साथ-साथ मानचित्रण और डेटा एंट्री की प्रारंभिक जानकारी भी दी गई जिससे कार्य को पारदर्शी और त्वरित बनाया जा सके। प्रशिक्षण में पालिका सभागार में प्रदीप बिष्ट और कमलेश जोशी, ईटीसी हॉल–1 में शिव सिंह रावत और ज्योति मोहन व ईटीसी हॉल–2 में अमित गौड़ और दीपक बेलवाल ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया।
वहीं संघ के जिलाध्यक्ष भवान सिंह नेगी और मंत्री बिजेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि कई शिक्षकों को उनके कार्यस्थल से काफी दूर जनगणना सुपरवाइजर और प्रगणक के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बीएलओ को भी जनगणना में ड्यूटी लगाई गई है जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। संवाद