जम्मू। लॉकडाउन में शिक्षा विभाग की तरफ से शुरू की गई ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं के लिए जम्मू संभाग में 556069 विद्यार्थी पंजीकृत हैं लेकिन इनमें से केवल 301803 विद्यार्थी ही ऑनलाइन जुड़ पाए हैं। बाकी के करीब 2 लाख विद्यार्थी इन ऑनलाइन कक्षाओं का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। इनके पास न तो फोन और न ही टीवी या अन्य विकल्प हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाला ये वर्ग आर्थिक तौर पर कमजोर तबके से बताया जा रहा है। इन्हें ऑनलाइन कक्षाओं से जोड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती है, हालांकि विभाग इन विद्यार्थियों तक ऑफलाइन माध्यम से जुड़ने की कोशिश कर रहा है। इनके घरों में नोट्स भेजे जा रहे हैं।
वहीं जम्मू जिले की बात करें तो इस माध्यम से 53640 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 37374 विद्यार्थी ही ऑनलाइन कक्षाओं के साथ जुड़े हुए हैं। बाकी के विद्यार्थी भी विकल्प न होने से इन कक्षाओं से जुड़ नहीं पाए हैं।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक विद्यार्थियों को लॉकडाउन में पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस समय विभाग को जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पाठ्यसामग्री और अन्य विकल्प उपलब्ध करवाना सबसे अहम और आवश्यक कदम है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इन विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन माध्यम से जोड़ लिया जाएगा ताकि किसी को भी पढ़ाई में नुकसान न झेलना पड़े।
-हमारी कोशिश जारी है कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक पहुंचा जा सके। इसके लिए विभाग द्वारा लगातार कोशिश भी की जा रही है। जो विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से नहीं जुड़ पा रहे हैं, उन्हें ऑफलाइन माध्यम से ही पाठ्यसामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसके तहत विभाग द्वारा स्टडी मैटिरियल और किताबें विद्यार्थियों के घरों तक पहुंचाई जा रही हैं।
- अनुराधा गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग