30 अप्रैल की रात को आंधी आने से ऊर्जा निगम की लाइनों और खंभों को
भारी नुकसान हुआ। आंधी के बाद से रिखणीखाल जयहरीखाल, दुगड्डा, नैनीडांडा
विकासखंड के सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई थी।
शनिवार शाम तक ऊर्जा
निगम कोटद्वार भाबर में बिजली बहाल करने में सफल रहा। जबकि रविवार को
रिखणीखाल में भी लगभग सभी गांवों में बिजली को बहाल कर दिया गया। धुमाकोट
में में ज्यादा नुकसान होने कारण रविवार तक भी बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं
हो सकी थी।
दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण लाइनों को ठीक करने में समय लग रहा
है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में कहीं पेड़ गिरे हैं तो कहीं पर खंभे ही
उखड़ गए हैं। बीहड़ रास्तों से होकर कर्मचारियों को वहां पहुंचने में समय
लग रहा है। सबसे अधिक समस्या बिजली के खंभों को ले जाने की हो रही है।
पैदल
रास्तों से गांवों और जंगलों में खंभे पहुंचाने में निगम को पसीने छूट रहे
हैं। रविवार को जड़ाऊखांद के कुछ इलाकों में आपूर्ति बहाल हो गई थी। लेकिन
गुजडू फीडर से जुड़े गांवों जमणधार, धौलियाना, किनाथ, बराख, सिरखेत,
बिरखेत, सैंडुली, मजेड़ा, परसूली, ज्यूंडाल्यूं, बगड़खेत, जगदेई आदि गांव
हैं और शंकरपुर फीडर से भी कुछ गांव में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।