जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को मानसून से पहले तहसील स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि आगामी 15 जून से पहले सभी तहसीलों में मॉकड्रिल की जाए। आपदा को लेकर संवेदनशील, अतिसंवेदनशील स्थान चयनित किए जाएं और राहत शिविर, उपकरण, मानव संसाधन, कंट्रोल रूम, हेलीपैड, पुल, जर्जर व जीर्णशीर्ण भवनों का जायजा भी लिया जाए। डीएम ने किसी भी स्तर पर आपदा प्रबंधन न्यूनीकरण में हीलाहवाली दिखाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
डीएम विजय कुमार जोगदंडे ने आपदा कंट्रोल रूम सभागार में जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की वर्चुअल बैठक ली। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर हमें आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाना है। इसके लिए ग्राम स्तर पर स्वयंसेवियों की तैनाती की जाए। आपदा प्रबंधन तंत्र से जुड़े सभी संचार नंबर ग्राम प्रधानों को उपलब्ध कराए जाएं। कहा कि जिले में निर्माणाधीन भवनों में पानी का जमावड़ा या टैंक लीकेज की समस्या सामने आने पर ठेकेदार व संबंधित विभाग के खिलाफ नोटिस जारी करने के साथ ही उनका चालान करें। तहसील स्तर पर 500-500 पैकेट फूड भी तैयार रखे जाएं। कहा निकाय क्षेत्रों में सार्वजनिक पेयजल की सैंपलिंग कर जांच की जाए। एसएसपी पी. रेणुका देवी ने कहा कि गत वर्ष आपदाग्रस्त क्षेत्रों को चिह्नित कर संयुक्त निरीक्षण किया जाए। वर्चुअल बैठक में एडीएम डा. एसके बरनवाल, एसडीएम सदर एसएस राणा, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, सीएमओ डा. मनोज शर्मा, एसडीएम कोटद्वार योगेश मेहरा, लैंसडौन अपर्णा ढौंडियाल, संदीप कुमार, मनीष कुमार, रविंद्र बिष्ट और डीएसओ केएस कोहली आदि जुड़े रहे।