कीर्तिनगर /देवप्रयाग। डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब व्यापक रूप ले चुकी है। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर 23 मार्च से जारी इस हड़ताल में प्रदेशभर के इंजीनियर्स शामिल हैं, जिससे विकास कार्य प्रभावित होने लगे हैं।
कीर्तिनगर शाखा अध्यक्ष विपिन कुमार जेल्टा के कहा कि 27 सूत्रीय मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं की वेतन विसंगतियां दूर करना, सेवा काल में न्यूनतम तीन पदोन्नति, 10 वर्ष बाद 5400 ग्रेड पे बहाली और पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करना प्रमुख हैं। इसके अलावा पेयजल निगम व जल संस्थान का एकीकरण, पदोन्नति कोटा 10 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना और दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत अभियंताओं के लिए 2 करोड़ रुपये तक की सामूहिक दुर्घटना बीमा सुविधा भी मांगों में शामिल है। सोमवार से जल संस्थान और पेयजल निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं, जिससे आमजन पर असर बढ़ने की आशंका है। धरना स्थल पर आशुतोष नौटियाल, सुमन बिष्ट, मीनाक्षी, रीना, शशि नेगी, मानसी रतूड़ी सहित कई इंजीनियर्स मौजूद रहे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।