लोक निर्माण विभाग ने अलकनंदा नदी पर बने देवप्रयाग झूला पुल को पैदल आवाजाही के लिए असुरक्षित बताते हुए बंद कर दिया है। यह पुल जर्जर हो चुका है। लोनिवि ने पुल से आवाजाही न करने के लिए सूचना बोर्ड भी लगा दिया है। वहीं विभाग के इस आदेश से बाह बाजार व विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों सहित क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों के लिए आवाजाही की समस्या हो गई है। यहां के लोगों को अब तीन किमी की अतिरिक्त दूरी नापनी पड़ेगी।
लोक निर्माण विभाग की श्रीनगर डिवीजन ने अलकनंदा नदी पर बने झूला पुल को पैदल यातायात के लिए असुरक्षित बताते हुए सूचना बोर्ड लगा दिया है। विभाग की इस कार्रवाई पर लोगों ने आक्रोश जताया है। लोगों का कहना है कि पहले पुराने पुल के स्थान पर नए पुल का निर्माण किया जाना चाहिए था, तब यहां से आवाजाही बंद करनी चाहिए थी। अब विभाग ने ऐसा न करके लोगों के सामने समस्या खड़ी कर दी है। स्थानीय सुरेश मिश्रा का कहना है कि अलकनंदा नदी पर बना यह झूला पुल जर्जर स्थिति में है। हर बार पुल की मम्मरत और रंग रोगन पर बजट खर्च किया जाता है, लेकिन आज तक इस पुल की जगह दूसरे पुल का निर्माण नहीं हो पाया है।
यह पुल जनपद टिहरी को जनपद पौड़ी से जोड़ने के साथ ही केंद्रीय संस्कृत संस्थान, राजकीय इंटर कॉलेज, विद्यामंदिर के छात्रों और बाह बाजार आने-जाने वाले 30 गांवों के लोगों का मुख्य साधन है। पुल पर आवाजाही बंद होने से छात्रों और ग्रामीणों को देवप्रयाग बाजार पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। नगर पालिका अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग श्रीनगर ने यहां पर नए पुल निर्माण की कवायद शुरू की थी, जिसके लिए भूमि व भवन का अधिग्रहण भी किया गया था, लेकिन आज तक पुल निर्माण नहीं करवाया गया है।
पुल का तकनीकी निरीक्षण करने के बाद इसे लोगों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। नए पुल की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। - आरपी नैथानी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग श्रीनगर।