गढ़वाली फिल्मों के निर्देशक व गीतकार गणेश वीरान ने पत्रकारवार्ता में प्रदेश के समस्त राजनीतिक दलों पर जमकर निशाना साधा। वीरान ने कहा कि राज्य गठन को 21 वर्ष हो गए हैं लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने अब तक लोक संस्कृति, रंगकर्म व फिल्म जगत को अपने एजेंडे में तरजीह नहीं दी। उत्तराखंड के राजनीतिक दलों का उपेक्षापूर्ण व्यवहार आगामी विधानसभा चुनाव में भी बना रहा तो दलों का खुला बहिष्कार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अब तक उत्तराखंड फिल्म इंडस्ट्री ठीक से अस्तित्व में नहीं आ पाई है। राज्य में फिल्मांकन की अपार संभावनाओं के बाद भी कलाकारों, रंग कर्मियों व फिल्मकारों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। वीरान ने कहा कि राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रों में कलाकारों, फिल्मकारों के लिए कोई जगह न होना दुर्भाग्य पूर्ण है। उन्होंने सभी फिल्मकारों, रंग कर्मियों, संस्कृति कर्मियों को एक मंच पर आकर इस दिशा में सरकार को जगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने अब भी उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो राजनीतिक दलों का विरोध के साथ ही बहिष्कार किया जाएगा।