कोरोना संकट की वजह से 148 साल में पहली बार इस साल दरबार मूव की प्रक्रिया में दो महीने का विलंब हुआ है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में यहां बंद होने वाला दरबार लगभग दो महीने की देरी से शिफ्ट हुआ है। इसके साथ ही परंपरा में बदलाव करते हुए इस साल जम्मू और श्रीनगर दोनों संभागों में नागरिक सचिवालय में कामकाज होगा।
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आधे विभाग श्रीनगर व आधे जम्मू से काम करेंगे। राजभवन व पुलिस मुख्यालय श्रीनगर में काम करेगा। दरबार मूव की प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत रविवार को जम्मू स्थित नागरिक सचिवालय परिसर से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासनिक विभागों के रिकार्ड को 46 ट्रकों में श्रीनगर रवाना किया गया।
ट्रकों में शनिवार को फाइलों, दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक सामग्री को एसआरटीसी के ट्रकों में लोड किया गया। इसे लेकर रात भर सचिवालय में गहमागहमी रही। रविवार सुबह साढ़े पांच बजे ट्रकों का काफिला श्रीनगर रवाना किया जाने लगा तभी पता चला कि दो ट्रकों के ड्राइवर गायब हैं।
छानबीन के दौरान पता चला कि दोनों किसी काम से घर चले गए थे। उनके आने पर लगभग एक घंटे विलंब से काफिला को रवाना किया गया। देर शाम तक रिकॉर्ड श्रीनगर सचिवालय पहुंच गए। इन्हें अनलोड करने का काम सोमवार को होगा।
नागरिक सचिवालय के 19 प्रशासनिक विभाग श्रीनगर से पूरे रिकॉर्ड के साथ काम करेंगे और जम्मू से 18 प्रशासनिक विभाग काम करते रहेंगे। आधिकारिक तौर पर श्रीनगर में छह जुलाई से सरकार का दरबार सज जाएगा। जम्मू आधारित कर्मचारियों को यहीं से काम करने का विकल्प दिया गया है।