श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से पिछले वर्ष पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने की पहली वर्षगांठ से एक दिन पहले मंगलवार सुबह पूरी कश्मीर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया। श्रीनगर में पुलिस ने मुख्य सड़कों को तारबंदी कर सील कर दिया है। हालांकि देर शाम कोरोना महामारी का हवाला देकर श्रीनगर कोकर्फ्यू से मुक्त कर दिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों को नए जम्मू-कश्मीर की पहली वर्षगांठ पर पांच अगस्त को आतंकी हमले के इनपुट के मद्देनजर सोमवार रात को हुई सुरक्षा समीक्षा के बाद मंगलवार की सुबह श्रीनगर में सड़कों पर सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां कर्फ्यू का ऐलान करती दिखाई दीं। लोगों से घरों में ही रहने की अपील की गई। साथ ही चेतावनी दी कि अगर कोई पाबंदियों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं पुलिस ने मुख्य सड़कों पर रास्तों को तारबंदी कर सील कर दिया गया था।
सुरक्षाकर्मी इमरजेंसी ड्यूटी वालों के भी शिनाख्ती कार्ड चेक कर आगे जाने की अनुमति दे रहे थे। कुछ जगहों पर तो मीडिया कर्मियों को भी आगे बढ़ने से रोका गया। इस बीच किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। श्रीनगर छोड़ घाटी के अन्य जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाये जाने को लेकर कई क्षेत्रीय दल खफा हैं। पांच अगस्त को विरोध की आड़ में हिंसा की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर को छोड़ पूरी कश्मीर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया है।