सीजेएम जम्मू ने जिले के सभी थाना प्रभारियों से ऐसे मामलों की सूची देने के लिए कहा गया है, जिनमें मामले की जांच, एफआईआर या फिर चालान पेश होने पर सुप्रीम कोर्ट या फिर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगाई गई हो।
जिला जज ने दो दिन के भीतर ऐसे मामलों की जानकारी वाली सूची सीजेएम कोर्ट के कार्यालय में जमा कराने को कहा है। आदेश में साफ कहा गया है कि थाना प्रभारियों को इसमें निजी दिलचस्पी दिखाने की जरूरत है। यह आदेश वायरलेस संदेश के जरिए सभी जम्मू जिले के एसएचओ को जारी किया गया है। सभी थाना प्रभारी अपने-अपने स्तर पर ऐसे मामलों की जानकारी जुटाने में लग गए हैं।
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उधर, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में क्राइम ब्रांच का पुनर्गठन किया गया है। अब इसमें चार विंग होंगे। इसके लिए पूर्ववर्ती एंटी हाइजैकिंग यूनिट से विभिन्न रैंक के 85 लोगों को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किया गया है। गृह विभाग की ओर से इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
चार नए विंग में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), विशेष अपराध शाखा (एससीडब्ल्यू), साइबर क्राइम जांच केंद्र (सीआईसीई) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) होंगे। गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि ईओडब्ल्यू और एससीडब्ल्यू का मुख्यालय जम्मू व श्रीनगर दोनों जगह होगा। सीआईसीई व एएनटीएफ के प्रमुख एसपी स्तर के अधिकारी होंगे।
आदेश के अनुसार एसपी, डीएसपी स्तर के एक-एक, इंस्पेक्टर-11, सब इंस्पेक्टर-60, हेड कांस्टेबल-10 व सीनियर ग्रेड कांस्टेबल के दो पद एंटी हाइजैकिंग से स्थानांतरित किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस गजटेड सर्विस के डीएसपी एक्जीक्यूटिव के दस पद भी क्राइम ब्रांच को सौंपे गए हैं।
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