श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के नागराजासैंण में अब जल्द ही गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान गढ़वाल इकाई के परिसर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने संस्थान को कम मूल्य पर करीब 0.498 हेक्टेयर यानि 4980 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध करवाई है।चौरास में संस्थान की इकाई का निर्माण होने से शोधार्थियों के साथ ही स्थानीय लाेगों को भी लाभ होगा। वर्षों से नगर के भक्तियाना में एक छोटी सी जगह पर संचालित हो रही गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालय पर्यावरण संस्थान गढ़वाल इकाई को अब अपना भव्य स्थाई परिसर मिल जाएगा। इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पहुंच मार्ग और परिसर निर्माण के लिए करीब 44.5 करोड़ की धनराशि जनवरी 2020 में जारी कर दी गई थी। किंतु परिसर निर्माण के लिए भूमि न मिलने से यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई।
संस्थान के प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के चंद्रशेखर ने बताया कि परिसर के निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय समन्वय इकाई (सीसीयू) को सौंपी गई है। भूमि मिलने के बाद से वर्तमान में पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क का निर्माण पूरा होने पर निर्माण स्थल का समतलीकरण का काम शुरू किया जाएगा। अब मार्च से ढांचागत निर्माण शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण शुरू होने से पहले पेयजल निगम से पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है।
अभी यहां पर कार्यालय, प्रयोगशाला, साइंटिस्ट हॉस्टल, हाईटेक लेबोरेटरी, जड़ी बूटी नर्सरी, आवासीय कॉलोनी, 200 क्षमता का सेमीनार हॉल, मौसम प्रयोगशाला व टावर आदि का निर्माण कार्य किया जाना है। इस कार्य को मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया कि चौरास में इकाई के निर्माण से शोधार्थियों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी फायदा मिलेगा।