माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के 2300 पदों पर नई भर्ती का विरोध किया है। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में वर्ष 2015 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने अभी तक कोई नीति नहीं बनाई है। वर्तमान सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में अतिथि शिक्षकों के पदों को रिक्त नहीं माने जाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन आज तक शासनादेश नहीं हो पाया है।
माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ की बैठक में संघ की अध्यक्ष रेखा रावत ने कहा कि जिले में 2015 से 400 अतिथि शिक्षक कार्य कर रहे हैं और प्रदेश में 4 हजार अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। सरकार को पहले सेवारत अतिथि शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के ठोस प्रयास करने चाहिए। कहा कि विभाग में समायोजित किए बिना सरकार नई भर्ती करने जा रही है जिसका संगठन पुरजोर विरोध किया जाएगा। उपाध्यक्ष ऊषा गुसाईं ने कहा कि शिक्षा मंत्री का गृह जिला होने के बाद भी यहां जिले के अतिथि शिक्षकों को जून 2022 का मानदेय नहीं मिल पाया है। संवाद