भारत के रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। लोगों ने दिवंगत सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और अन्य सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र खंडूड़ी ने कहा कि यह अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर को गढ़वाल विवि के दीक्षांत समारोह में सीडीएस रावत ने नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें और डिग्री लेने के बाद जिस क्षेत्र मेें भी जाएं, अपने से पहले देश के बारे में सोचने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि दोनों ही बातों पर अमल करना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य ऋतांशु कंडारी व प्रदेश सहमंत्री संदीप राणा, बिड़ला परिसर के पूर्व छात्र संघ सचिव राम प्रकाश व देवकांत देवराड़ी और पूर्व उपाध्यक्ष सुजीत गैरोला ने कहा कि एक दिसंबर को सीडीएस रावत से मुलाकात हुई थी। उन्होंने 20 मिनट तक चर्चा करते हुए कहा था पलायन कैसे रुके, इसका ड्राफ्ट बनाकर इसी माह दिल्ली में आओ, लेकिन इसी बीच यह दुखद खबर आई। इससे सदमा लगा है।