संवेदनशील मामले में राजनीति
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए कथित घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर बोलने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने टूजी, कॉमनवेल्थ, कोयला और अन्य घोटालों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त रही है, ऐसे में उसे भाजपा सरकार से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है।
अंकिता भंडारी प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में सीबीआई जांच चल रही है और जांच प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन किसी बेटी और उसके परिवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का माध्यम बनाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज महिला सम्मान की बात कर रही है, लेकिन अपने शासनकाल में हुई घटनाओं पर उसकी चुप्पी सवाल खड़े करती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपने पुराने शासनकाल में हुए घोटालों और भर्ती अनियमितताओं पर जवाब देने को कहा।
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श्रीनगर के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसभा में आने से पहले श्रीनगर बाईपास सड़क के लिए विस्तृत सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया है। इससे शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह पदयात्रा केवल कुछ किलोमीटर चलने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड के स्वाभिमान, विकास और सुशासन के संकल्प की यात्रा है। मां गंगा के सानिध्य में श्रीनगर से शुरू हुई यह पहल प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगी।