एनसीसी अकादमी स्थानांतरण के विरोध में ब्लाक मुख्यालय हिंडोलाखाल में आक्रोशित व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान दिनभर बंद रखे। इसके बाद व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक के पुतले की शव यात्रा निकाली। सरकार के फैसले का विरोध कर लोगों ने पुतले को आग लगा दी।
बृहस्पतिवार को एनसीसी अकादमी स्थानांतरण के विरोध में विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने ब्लाक मुख्यालय हिंडोलाखाल बाजार में मुख्यमंत्री व क्षेत्रीय विधायक के पुतले की शव यात्रा निकाली। इस दौरान पूरे बाजार में नारेबाजी कर अकादमी को श्रीकोट माल्डा में स्थापित किए जाने की मांग की गई, जिसके बाद पुतलों को आग के हवाले कर सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश जताया गया। इस मौके पर आंदोलनकारियों ने विधायक को क्षेत्र में न घुसने की चेतावनी भी दी। आरोप लगाया कि एनसीसी अकादमी बचाओ समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पर दुर्व्यवहार व धक्कामुक्की की गई। समिति संयोजक ब्लॉक प्रमुख जयपाल पंवार ने कहा कि एनसीसी अकादमी के मद्दे पर 22 सदस्य प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से वार्ता के लिए उनके आवास पर गया था, जिन्हें आसानी से मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया। दो घंटे बारिश में खड़े रहने के बाद जब उन्हें वार्ता के लिए बुलाया गया तो उनके मोबाइल जमा करवाए गए। आंदोलनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शराब फैक्ट्री लगाकर यहां के लोगों को बर्बाद करने का रोजगार दिया है। और अब फिर रोजगार संस्थान खोलने की बात कर क्षेत्रीय जनता को गुमराह कर रहे है। चेतावनी दी कि जब तक श्रीकोट माल्डा गांव में जब तक अकादमी निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो जाता उनका विरोध जारी रहेगा। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल, पूर्व प्रमुख मगन सिंह बिष्ट, डा. जेपी उनियाल, रणवीर सिह बिष्ट, ज्योति कठैत आदि ने भी विचार रखे। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य योगिता चौहान के साथ ही डूंगी गांव की सैकड़ों महिलाओं ने रैली में भाग लिया। रैली में आशीष पंवार, महावीर बिष्ट, देवेंद्र भट्ट, रमेश लाल, शशि प्रकाश, रजनीकांत तिवाडी, कौसा भट्ट, रोशनी चमोली, रंजू रावत, विनोद टोडरिया, केशवानंद डंगवाल आदि शामिल थे।