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हुर्रियत के घटते प्रभाव को ब्लीडिंग हार्ट से बदलना चाहते थे पाकिस्तानी आका

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श्रीनगर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा कश्मीर घाटी में आतंकी फंड उपलब्ध कराने वालों पर शिकंजा कसने के बाद पाकिस्तान ने निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ पकड़े गए आतंकी इरफान शफी मीर के एक नया संगठन ब्लीडिंग हार्ट को खड़ा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। इस गैर सरकारी संगठन के माध्यम से कश्मीर घाटी में आतंकियों को धन उपलब्ध कराने की योजना थी। एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट में इसका खुलासा किया है।
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चार्जशीट में दर्ज है कि मीर ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2018 में यह महसूस हुआ कि हुर्रियत कांफ्रेंस आतंकियों के लिए पहले की तरह मददगार नहीं रह गई है। वह आतंकी समूहों को आर्थिक मदद नहीं कर पा रही है। मीर डबल एजेंट बन गया था और उसने पाकिस्तान की लगातार यात्रा की। इस दौरान वह आईएसआई के अधिकारियों के साथ ही वहां मौजूद आतंकियों के शीर्ष नेतृत्व के भी संपर्क में आया। उसने शिकायत की कि एनआईए के सक्रिय होने के बाद अलगाववादी समूह निष्क्रिय हो चुके हैं। वर्ष 2018 में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान मीर ने आईएसआई अधिकारियों के साथ-साथ शीर्ष आतंकवादियों के साथ एक व्यापक चर्चा के बाद ब्लीडिंग हार्ट नाम के एक गैर सरकारी संगठन को स्थापित करने की बात कही जो हुर्रियत की भूमिका को बदल देगा। मीर को जम्मू-कश्मीर के डीएसपी दविंदर सिंह, हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सैयद नवीद मुश्ताक उर्फ नवीद बाबू और रफी अहमद डार के साथ इसी वर्ष 11 जनवरी को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह एक ही कार से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर काजीगुंड के पास से गुजर रहे थे। एनआईए ने 17 जनवरी को इसकी जांच शुरू कर दी थी।
एनआईए द्वारा दाखिल की गई 3064 पेज की चार्जशीट से पता चला कि इरफान शफी मीर उर्फ वकील ने पाकिस्तान से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव पर काम करना शुरू कर दिया था। जांच एजेंसी ने मीर, दविंदर, नवीद, उसके भाई सैयद इरफान अहमद राथर और एलओसी ट्रेड यूनियन के पूर्व अध्यक्ष व्यवसायी तनवीर अहमद वानी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया।
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-देश के खिलाफ युद्ध की साजिश
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन और पाकिस्तानी एजेंसियों द्वारा हिंसक कार्य करने और भारतीय संघ के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा थे।
-हवाला चैनल पर काम करने का दिया निर्देश
एनआईए ने कहा कि मीर ने प्रतिबंधित आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, उसके डिप्टी अमीर खान तथा कथित ऑपरेशनल प्रमुख खुर्शीद आलम और आतंकी समूह के वित्तीय प्रमुख नजर महमूद से मुलाकात की थी। इसी दौरान ब्लीडिंग हार्ट की अवधारणा पर व्यापक चर्चा की गई। बाद में पाकिस्तान में रहने के दौरान मीर ने उमर चीमा, अहशान चौधरी और सोहेल अब्बास जैसे आईएसआई अधिकारियों के साथ एक बैठक की। पाकिस्तानी आकाओं ने कश्मीर घाटी में आतंकवादियों को पैसा मुहैया कराने के लिए हवाला पर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी।
-चार्जशीट के साथ 3017 दस्तावेज सूचीबद्ध
मामले की जांच कर रही महानिरीक्षक अनिल शुक्ला और उनकी टीम ने चार्जशीट के साथ 3017 मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य सूचीबद्ध किए हैं। इसमें दर्ज है कि भारत में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों के साथ आतंकियों के संबंध हैं और वह लगातार संपर्क में थे। वहां से आतंकियों को आर्थिक मदद भी मिलती थी।
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