पीपीपी मोड में संचालित जिला चिकित्सालय पौड़ी में सेवारत डाक्टरों व पीजी संचालक के बीच हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने घटनाक्रम के समय डाक्टरों की शिकायत पर पीजी संचालक, पत्नी व अन्य सात लोगों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने विवाद में शामिल चार डॉक्टरों पर मारपीट, गाली-गलौज व छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जिला अस्पताल पौड़ी का संचालन विगत एक वर्ष से पीपीपी मोड के तहत महंत इंदिरेश अस्पताल प्रबंधन देहरादून देख रहा है। अस्पताल में सेवारत 16 डॉक्टर मुख्यालय के एक पीजी (पेइंग गेस्ट) में रहते थे। जहां विगत 28 फरवरी की रात पीजी संचालक, उनकी पत्नी व अन्य सात लोगों और कुछ डाक्टरों के बीच मारपीट की घटना सामने आई थी। एक मार्च को डा. राहुल सैनी की तहरीर पर पुलिस ने पीजी संचालक, उनकी पत्नी व सात अन्य के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। दो मार्च को जिला अस्पताल में सेवारत समस्त डाक्टरों ने दो घंटे के लिए ओपीडी सेवा बंद रखी थी। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की न्यायालय के आदेश पर कोतवाली में पीजी संचालक की पत्नी की तहरीर पर चार डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। प्रभारी कोतवाल महेश रावत ने बताया कि डा. राहुल सैनी, डा. शशांक शर्मा, डा. आयुष अग्रवाल व एक अन्य के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व छेड़खानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि एसआई सोमवीर को जांच रिपोर्ट सौंप जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।