बस अड्डे के निर्माण कार्य के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की बसें करीब एक साल से भगतियाना से संचालित हो रही हैं। अब बस अड्डा बनकर तैयार हो गया है लेकिन परिवहन निगम ने वहां से बसों के संचालन से साफ इनकार कर दिया है। परिवहन निगम ने जिला प्रशासन को भेज पत्र में बताया कि अतिक्रमण के कारण बसों को मोड़ने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में बस अड्डे से संचालन नहीं किया जा सकता है।
श्रीनगर में नगर निगम तिराहे पर 1950 से रोडवेज बस अड्डा संचालित हो रहा है। उत्तराखंड बनने के बाद 2003 से यहां श्रीनगर डिपो संचालित हो रहा है। वर्तमान में इस स्थान पर बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण कार्य चल रहा है। निगम को यहां बसों के आवागमन और मोड़ने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में उन्होंने यहां से डिपो संचालन से हाथ खड़े कर दिए हैं।
निगम के सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि उत्तर प्रदेश वाहन विभाग (वर्तमान में निगम) के अधीन बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी 15 नाली 11 मुट्ठी भूमि अधिग्रहीत की गई थी। 1977 मेंं निगम ने पैमाइश कराते हुए अपना सीमांकन करवाया। निगम के अधीन 2500 वर्ग मीटर भूमि थी। इसमेें से 1000 वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण है। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटवाने की मांग की गई थी।
सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि पार्किंग/डिपो का निर्माण 1500 वर्ग मीटर भूमि में किया गया है जबकि भूमि 2500 वर्ग मीटर है। राजस्व विभाग पैमाइश करके यह बता दे कि कितनी भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग में कट गई और कितनी शेष रह गई। इस बाबत एसडीएम श्रीनगर अजय वीर सिंह का कहना है कि अभी जमीन के सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। पूरी नाप जोख के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।