फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपनी माटी से जुड़ने और रिवर्स पलायन पर मंथन

विज्ञापन
विज्ञापन
कफोलस्यूं पट्टी स्थित पयासू गांव में सोमवार को प्रवासी ग्रामीण एकत्र हुए। प्रवासियों ने गांव में अपनी माटी से जुड़ने और रिवर्स पलायन पर मंथन किया। कहा गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो गांव में स्वरोजगार कर पलायन पर अंकुश लग सकता है। उन्होंने गांव में जनकल्याणकारी कार्य करने का संकल्प भी लिया। कई बुजुर्ग वर्षों बाद अपना गांव देखकर भावुक हो गए।
विज्ञापन

कफोलस्यूं पट्टी के पयासू गांव में मलासी महामिलन समारोह का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय इस समारोह में उत्तराखंड के दूरदराज इलाकों में रह रहे परिवारों के लोग एकजुट हुए। समारोह में रिवर्स पलायन पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली, गाजियाबाद, देहरादून, कोटद्वार, श्रीनगर, गिंवाला, अगस्त्यमुनि, चौंथला, बांदण्यूं, सुमाड़ी में रहने वाले मलासी बंधुओं ने भी हिस्सा लिया। राजेश मलासी व गांव की महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुनीता मलासी के नेतृत्व में महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। कई बुजुर्गों ने वर्षों बाद अपने मूल गांव पयासू को देखा और भावुक हो गए। वक्ताओं ने कहा कि पयासू गांव में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के चलते कभी 80-85 परिवारों के इस गांव में आज मात्र आठ-दस परिवार ही रह गए हैं। पलायन कर चुके ग्रामीण अब गांव में रिवर्स पलायन कर गांव की आबोहवा को बदलने की पहल करेंगे। युवाओं ने कहा कि सरकार साथ दे और सरकारी योजनाओं का सही लाभ मिले तो वह वापस गांव में आकर आधुनिक तकनीकी से स्वरोजगार के साधन विकसित कर पलायन पर अंकुश लगा सकते हैं। समारोह का आयोजन समाजसेवी जयंती बल्लभ मलासी की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर नत्थी प्रसाद, लज्जाराम मलासी, प्यारेलाल, सुभाष चंद्र, लक्ष्मण मलासी, विकास मलासी, शैलेश मलासी, आशुतोष, प्रमोद, हरिश्चंद्र, उमाचरण, अनसूया प्रसाद मलासी, रामशरण मलासी, नरेश मलासी, लालाराम, कमल मलासी, मनोज मलासी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें