गढवाल विवि के चौरास परिसर मे आयोजित इन्सपायर विज्ञान शिविर में प्रतिभाग करते छात्र छात्राएं
- फोटो : SHRINAGAR
गढ़वाल विवि के चौरास प्रेक्षागृह में इंस्पायर विज्ञान शिविर का शुरू हो गया है। कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज वैज्ञानिकों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से निपटने की है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से बड़े शहरों में सांस लेना दूभर हो गया है। सभी बाल विज्ञानी विज्ञान का सदुपयोग कर वर्तमान चुनौतियों को स्वीकार कर उसका हल निकालने का प्रयास करें।
बुधवार को शुरू हुए इंस्पायर विज्ञान शिविर विवि के विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. डीएस नेगी ने कहा कि छात्र-छात्राएं साल के पहले दिन से विज्ञान के क्षेत्र में शोध के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि विज्ञान में सर्वप्रथम किसी घटना को बारीकी से देखना पड़ता है। घटना के कारण समझने पड़ते हैं। घटना समाज के लिए हितकारी या अहितकारी, इसका विश्लेषण करना होता है। कार्यक्रम संयोजक प्रो. वाईपी सुंद्रियाल ने बताया कि शिविर में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के 280 छात्र-छात्राएं और 20 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा नीरज रमोला ने किया। इस अवसर पर डा. अशोक कुमार, डा. बीएस भंडारी, डा. शुभ्रा काला, श्रवी अग्रवाल व फिरोज खान आदि मौजूद थे।