पौड़ी। पर्यटन नगरी पौड़ी में आयोजित जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव की सातवीं सांस्कृतिक संध्या पांडवाज ग्रुप के नाम रही। कलाकारों की सतरंगी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में हिन्दी, पंजाबी, गढ़वाली, कुमाऊंनी आदि गीतों पर दर्शक जमकर झूमे।
नगर के रामलीला मैदान में आयोजित पौड़ी महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या को पांडवाज ग्रुप की मनमोहक प्रस्तुतियों ने यादगार बना दिया। कार्यक्रम को देखने शाम से लाेगों की भीड़ रामलीला मैदान में जुटनी शुरू हो गई। भोलेनाथ शंकरा... और हे नंदा गौरा... आधुनिक देवस्तुतियों से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। इसके बाद कलाकारों ने तीलै धारू बोला..., डाली मुड़ छेलु पता ना..., घुघुति बासूती..., सेजा सेजा..., चला फुलर..., हे जी सारियों मा..., तेरी जै जै करा जै जै हिंवाला..., तेरी रचणा..., मेरी गजणा..., मैन कैन लगाई बिंदुली..., कांध मा धरली राधा..., खैर की ग्याजंली राधा..., संध्या वाली बांद दियों बरतौंदी...आदि के साथ ही जागर विधा के कई गीतों ने देर रात तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने बताया कि रविवार को फुटबाल के फाइनल मुकाबले के साथ ही सात दिवसीय महोत्सव का समापन किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला जज अजय कुमार चौधरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।