देवप्रयाग महाविद्यालय में एनएसएस शिविर के समापन मौके पर प्रमाण पत्र दिखाते छात्र -छात्राएं
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राजकीय महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के साथ दिवसीय शिविर के अंतिम दिन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें विशेषज्ञों, शिक्षकों और स्वयंसेवियों ने कूड़ा निस्तारण की चुनौतियों पर चर्चा कर सुझाव साझे किए। शिविर में नवीन व राधिका को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, सूचना एंव विज्ञान तकनीक, लक्ष्य सोसाइटी व नमामि गंगे प्रकोष्ठ की ओर से संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष शुभांगी कोटियाल ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बड़ी समस्या बताया। उत्तराखंड स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि अपशिष्ट से न केवल पारिस्थितिकी तंत्र व स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बल्कि यह समाज पर आर्थिक बोझ को भी बढ़ा रहा है। अपशिष्ट संग्रहण, उसकी छंटाई के लिए एक बुनियादी ढाँचा बनाना अपेक्षाकृत काफी महंगा होता है, लेकिन पुनर्चक्रण के माध्यम से धन कमाया जा सकता है व रोजगार भी सृजित किया जा सकता है।
यूकोस्ट के विषय विशेषज्ञ आर असवाल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए देश के विभिन्न भागों में पहल की जा रही है। मगर यह नाकाफी है। इस मौके पर लक्ष्य सोसाइटी के सुनील राणा , प्राचार्य प्रो. एसपी सती ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ. अशोक कुमार मेंदोला , प्रधान दीपक बेडवाल व गंगा प्रहरी अरविंद कुमार को करोना वॉरियर व स्वयं सेवियों को प्रमाणपत्र भेंट किए गए।