कीर्तिनगर/देवप्रयाग। कीर्तिनगर विकासखंड के दुर्गम गांव टोला में भालू की दहशत थमने का नाम नहीं ले रही है। वन विभाग की यहां गश्त खत्म हुई तो भालू ने फिर गांव में उसी मकान को और तोड़ दिया जिसे कुछ दिन पहले क्षतिग्रस्त किया था। बार-बार हो रहे इन हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं।
बीते 10 अक्तूबर को भालू ने गांव के राजेंद्र सिंह पुंडीर और स्व. शूरवीर सिंह के घरों की छत और दीवारों को बुरी तरह तोड़ दिया था। अगली ही रात भालू ने हरदेव सिंह, सुरेंद्र सिंह और मंदीप सिंह के मकानों को भी नुकसान पहुंचाया। लगातार हमलों की सूचना पर रेंजर संजय बेलवाल और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और गांव में ही गश्त शुरू करवा दी। दस दिनों तक गश्त हुई लेकिन भालू न तो गांव में दिखा और न ही कैमरों में कैद हुआ। अब टीम लौट गई और ग्रामीणों ने मकानों की मरम्मत भी करवा ली तो भालू ने दो दिन बाद सुरेंद्र सिंह के मकान को दोबारा तोड़ डाला। ग्रामीण विजयपाल सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है। संवाद