सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो राजकीय उद्यान खिर्सू जल्द ही बागवानी पर्यटन का मॉडल बनकर तैयार हो जाएगा। उद्यान में सेब की मातृ पौध प्रखंड बनाए जाने के साथ ही अखरोट की ग्राफ्ट भी तैयार की जाएगी। बागवानी को पर्यटन से जोड़ने के लिए ट्यूलिप गार्डन तैयार किया जाएगा।
राजकीय उद्यान खिर्सू आठ हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है। जिला उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार ने बताया कि उद्यान में एक हेक्टेयर भूमि पर सेब, एक हेक्टेयर भूमि पर अखरोट की ग्राफ्ट व एक हेक्टेयर भूमि पर कीवी तैयार की जाएगी, जो बाद में किसानों को दी जाएगी। डीएचओ डा. कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर विशेष ध्यान दिए जाने के साथ ही नई तकनीक का समावेश भी किया जाएगा। उद्यान में 10 नाली भूमि पर केसर के वल्ब रोपे जाएंगे, जो क्षेत्र में केसर की खेती की संभावनाओं की दिशा में अहम कड़ी साबित होगा।