उत्तराखंड राज्य निर्माण सैनानी मोर्चा का नौ सूत्री मांगों के समर्थन में धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। मोर्चा को उत्तराखंड क्रांति दल ने समर्थन देते हुए मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिलाए जाने को लेकर आंदोलनकारियों की पैरवी किए जाने और आठ सूत्री मांगों का विधेयक पारित किए जाने की मांग की।
सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी। मंगलवार को तहसील परिसर में आंदोलनकारियों ने नारेबाजी के साथ प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
इस अवसर वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर 1994 में मुजफ्फरनगर कांड के दोषी अधिकारियों को सजा दिलाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। 20 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को न्याय नहीं मिल पाया है। उत्तराखंड क्रांतिदल ने आंदोलनकारियों के धरने को समर्थन दिया।
दल के जिला अध्यक्ष हरीश द्विवेदी ने आंदोलनकारियों की मांग को जायज बताया। इस अवसर पर मोर्चा के महामंत्री महेंद्र सिंह रावत, यूकेडी के जिला महामंत्री विकास पंत, अखिलेश बड़थ्वाल, जगदीश मेहरा, राकेश चंद्र लखेड़ा, पंकज भट्ट, दिगंबर सिंह, भगवती प्रसाद कंडवाल, मंगल सिंह रावत, आशा डबराल, लक्ष्मी पंवार, माया देवी आदि मौजूद थे।