सोमवार रात आंधी आने से कोटद्वार और आसपास के इलाकों में जनजीवन पटरी से उतर गया। आंधी से कोटद्वार, भाबर और ग्रामीण क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ। बिजली की टूटने से कई जगहों पर रात भर बिजली सप्लाई ठप रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। कई जगह घरों और विद्यालय की छत उड़ गई।
सोमवार रात को करीब नौ बजे एकाएक मौसम ने करवट बदली। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ तेज हवाएं चलने लगी। देखते ही देखते तेज हवाओं ने आंधी में तब्दील हो गई।
कोटद्वार में आंधी से 33 केबीए लाइन में फाल्ट आ गया। जिसके कारण कई क्षेत्रों में रात के दो बजे तक बिजली गुल रही। गाड़ीघाट स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड की चादर उड़कर बिजली की लाइन पर जा गिरी। जिसके कारण गाड़ीघाट, काशीरामपुर तल्ला और लकड़ी पड़ाव की विद्युत आपूर्ति रातभर बाधित रही।
जशोधरपुर और कलालघाटी में बिजली लाइन के ऊपर पेड़ की शाखा टूटकर गिर जाने से भाबर क्षेत्र में लोगों को रात अंधेरे और गर्मी में गुजारनी पड़ी।
लैंसडौन में आंधी रातभर चलती रही। रात के अंधेरे में उस समय हड़कंप मच गया जब भूपेंद्र बिष्ट की छत पर भारी भरकम दीवार गिर गई। परिवार के लोग घबराकर घर से बाहर निकल गए। बाद में पता चला कि राजकीय कन्या इंटर कालेज की चारदीवारी टूट कर उनके घर के ऊपर जा गिरी, जिससे उसकी छत और दरवाजे क्षतिग्रस्त हो गए। विष्णु ध्यानी के मकान की चादर उड़ गई।
लैंसडौन-ताड़केश्वर मार्ग पर असनखेत के पास आंधी से एक भारी भरकम पेड़ मार्ग पर गिर गया। जिसके कारण दिन भर मार्ग बाधित रहा।
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इंटर कालेज की छत उड़ी
कोटद्वार। जयहरीखाल ब्लाक के राजकीय इंटर कालेज सिद्धपुर में आंधी से छत की टीन उड़ गई। ऐसे में विद्यालय में मंगलवार को पठन पाठन प्रभावित रहा। 30 अप्रैल को आए तूफान से विद्यालय के दो कक्षों की छत उड़ गई थी। कंप्यूटर कक्ष के ऊपर पेड़ गिरने से उसपर दरार आ गई थी। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि पूरे विद्यालय की छत की चादरें उड़ चुकी है। कमरों में पानी भरा हुआ है। कई आवश्यक दस्तावेज भी भीग चुके हैं। बच्चे बरामदे में शिक्षा ले रहे हैं।