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उत्तराखंड में कोरोना: पौड़ी में संक्रमित का शव ले जाने के एंबुलेंस ने तीन किमी के वसूले चार हजार रुपये

Tue, 11 May 2021 01:50 PM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पौड़ी

सार

बेस अस्पताल प्रबंधन ने जहां शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की, वहीं एक निजी एंबुलेंस संचालक ने परिजनों से मात्र तीन किमी के चार हजार रुपये लिए।
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रुपये - फोटो : pixabay
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विस्तार
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उत्तराखंड के पौड़ी में समाज कल्याण विभाग में सेवारत एक वरिष्ठ सहायक की कोरोना से मौत हो गई। बेस अस्पताल प्रबंधन ने जहां शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की, वहीं एक निजी एंबुलेंस संचालक ने परिजनों से मात्र तीन किमी के चार हजार रुपये लिए।

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समाज कल्याण विभाग में सेवारत एक वरिष्ठ सहायक की रिपोर्ट 20 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी। वे होम आइसोलेशन में थे, लेकिन अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें 28 अप्रैल को पहले जिला अस्पताल व वहां से रेफर होने के बाद बेस अस्पताल श्रीनगर में भर्ती किया गया। जहां उपचार के दौरान उन्होंने कई बार बेहतर उपचार नहीं मिलने की शिकायत भी की थी।

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सोमवार सुबह करीब 8 बजे संक्रमित कर्मचारी ने दम तोड़ दिया। अस्पताल से परिजनों को 11 बजे मृत प्रमाण पत्र तो मिला, लेकिन शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए चार घंटे तक कोई एंबुलेंस अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई। थक हारकर परिजनों ने बेस अस्पताल की मोर्चरी से ही कर्मचारी द्वारा दिए गए निजी एंबुलेंस संचालक से बात की। मृतक के परिजन राहुल ने बताया कि उस निजी एंबुलेंस संचालक ने शव को घाट तक पहुंचाने के लिए चार हजार रुपये मांगे। लाचारी में परिजनों को एंबुलेंस संचालक को पैसे देने पड़े।

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अस्पताल के पीआरओ एंबुलेंस दीनदयाल रावत ने बताया कि एंबुलेंस मोर्चरी में ही खड़ी थी, लेकिन डिस्पोजल टीम लंच पर गई थी। वहीं एसडीएम श्रीनगर रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

पत्नी व बेटा हो गए ठीक
समाज कल्याण विभाग में सेवारत संक्रमित कर्मचारी कोरोना से हार गया, लेकिन सुखद बात यह है कि संक्रमित पत्नी व बेटा ठीक हैं। कर्मचारी मूलरूप से यूपी हाथरस के रहने वाले थे। वह अपने पीछे पत्नी व दो बेटे छोड़ गए।

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