प्रदेश के सबसे अधिक पढ़े लिखे लोग मताधिकार के मामले में सबसे पीछे हैं। बात हो रही है कुमाऊं के अल्मोड़ा और गढ़वाल के पौड़ी जनपद की। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों के जनपदवार वोट प्रतिशत पर नजर डालें तो प्रदेश के साक्षर शहरों में एक अल्मोड़ा में सबसे कम 55.42 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया।
गढ़वाल मंडल के सबसे अधिक साक्षर जिले में शुमार पौड़ी जनपद में मतदान का प्रतिशत प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा। यहां 58.08 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।
कुमाऊं मंडल के चंपावत जनपद में 60.89, बागेश्वर में 61.54, पिथौरागढ़ में 63.59, नैनीताल में 68.07, ऊधमसिंह नगर में 76.84 फीसदी मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। गढ़वाल मंडल के जनपद टिहरी में 58.52, चमोली में 61.12, रुद्रप्रयाग में 63.11, देहरादून में 67.16, उत्तरकाशी में 72.99 और हरिद्वार में 75.35 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
विधानसभा क्षेत्र वार वोटिंग प्रतिशत पर नजर डालें तो ऊधमसिंह नगर जिले की गदरपुर सीट पर 82.55 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। हरिद्वार जिले की पिरान कलियर सीट में 80.23, ऊधमसिंह नगर की सितारगंज सीट में 80.24, हरिद्वार ग्रामीण में 80.40 और लक्सर सीट में 82.17 ने वोट डाले थे। इसी प्रकार पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल सीट पर सबसे कम 51.91 फीसदी लोगों ने वोट डाले।
अल्मोड़ा जिले के सल्ट विधानसभा क्षेत्र में 51.99, द्वाराहाट में 52.16, लैंसडौन में 53.05, रानीखेत में 53.30, घनसाली (एससी) में 53.53, पौड़ी (एससी) में 53.80, नैनीताल (एससी) में 54.75, यमकेश्वर में 55.10 फीसदी मतादाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों का मत प्रतिशत 67.22 था।
पौड़ी गढ़वाल जनपद की छह विधानसभा सीटों के 61 मतदान केंद्रों में वर्ष 2012 के चुनावों में मतदान प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम रहा। दस मतदान केंद्रों में 40 प्रतिशत से भी कम वोट पड़े थे। इन मतदान केंद्रों में मतदाताओं को जागरूक कर 70 प्रतिशत तक मतदान हो इसके लिए इस बार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्करों, नेहरू युुवा केंद्र, महिला-युवक मंगल दलों की ड्यूटी लगाई गई है। इन लोगों को मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- चंद्रशेखर भट्ट, जिला निर्वाचन अधिकारी पौड़ी गढ़वाल