श्रीनगर। लोअर भक्तियाना में गुलदार के शावकों के साथ घूमने की खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। टीम को रेत पर जानवराें के पंजों के निशान मिले हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पंजों के निशान गुलदार के हैं या किसी अन्य जानवर के।
लोअर भक्तियाना में एसएसबी और शंकर मठ के समीप एसएसबी के खंडहर भवनों में गुलदार के ठिकाना बनाने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि गुलदार अपने दो शावकों सहित क्षेत्र में घूम रहा है। गुलदार के भय से बाढ़ सुरक्षा कार्य कर रहे श्रमिक भागने लगे हैं। सोमवार रात गुलदार ने डेरे के बाहर रात में श्रमिकों पर हमला करने की कोशिश भी की। स्थानीय निवासी पृथ्वी सिंह बिष्ट ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले बछिया पर गुलदार के हमले के बाद वन विभाग से शिकायत की थी, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
अमर उजाला ने 16 दिसंबर के अंक में ‘गुलदार के भय से काम छोड़ भाग रहे श्रमिक’ खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मंगलवार को वन विभाग की टीम ने एसएसबी के खंडहर भवनों सहित अलकनंदा नदी के आसपास का निरीक्षण किया।
कोट-
इस क्षेत्र में नदी समीप होने से जंगली जानवर पानी पीने आते हैं। खंड़हर के नजदीक होने से गुलदार इसको ठिकाना बना सकता है। क्षेत्र का नजरी-नक्शा बनाकर रेंज आफिस को रिपोर्ट दे दी है।- गब्बर सिंह भंडारी, वन दारोगा, नागदेव रेंज