श्रीनगर। मंजूघोष मंदिर में आयोजित दो दिवसीय कांडा मेेले के अंतिम दिन 26 निशान चढ़ाए गए। मेले का आयोजन पारंपरिक रूप से दीवाली के दूसरे दिन से शुरू होता है। मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तहसील और पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
नगर क्षेत्र से 20 किमी दूर देहलचौरी के मजीनकांडा में आयोजित दो दिवसीय मेले के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। पहले इस मेले में लोग बलि चढ़ाते थे, लेकिन अब यह पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब केवल निशान चढ़ाए जाते हैं। मेले के अंतिम दिन विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने 26 निशान चढ़ाएं। जबकि पहले दिन 22 निशान चढ़ाए जा चुके थे। मेले में ध्याणियां मनौती मांगने और मनौती पूर्ण होने पर आती हैं। शनिवार को पहला निशान ढिक्वाल गांव व अंतिम निशान बाड़ा गांव के ग्रामीणों ने चढ़ाया। इस दौरान मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर परिसर दिनभर देवी के जयकारों से गूंजता रहा। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद, उपाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद भट्ट, सचिव एमएल भट्ट, मनोज भट्ट, जगन्नाथ भट्ट, एसडीएम रजा अब्बास, सीओ सीएल ततियाल, नायब तहसीलदार सुंदर सिंह रावत, कोतवाल उत्तम सिंह, एसआई मुकेश डिमरी आदि मौजूद थे।