कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के लछमपुर गांव के एक घर में ब्लैक कोबरा रात भर घर के लोगों के साथ बिस्तर पर पड़ा रहा। गनीमत रही कि उसने किसी को डसा नहीं। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने कोबरा पकड़कर जंगल में छोड़ा।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात को लछमपुर निवासी श्यामलाल शर्मा अपनी बेटी और पत्नी के साथ कमरे में सो रहे थे। अचानक रात के करीब तीन बजे उनकी पत्नी के हाथ पर कोबरा टकराया उन्होंने कुछ चीज समझकर उसे हाथ से पकड़ा और साइड में कर दिया। बाद में उन्होंने कमरे की लाइट जलाई। लाइट जलाते ही फन फैलाकर बैठे ब्लैक कोबरा को देखकर उनके होश उड़ गए। इससे पहले वह कमरे में सोते बाकी लोगों को उठाती कोबरा बेटी के पांव के ऊपर से होते हुए बेड से नीचे उतर गया। कमरे के अंदर कोबरा होने की सूचना उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को दी। देखते ही देखते पूरा मोहल्ला एकत्र हो गया। इतने में परिजनों ने सांप को भगाने का प्रयास किया। लेकन उसकी फन से निकली फुंकार से वे डर गए। उन्होंने उसे कमरे में पड़ रहने में भलाई समझी और वन विभाग को फोन किया। शनिवार सुबह वन विभाग के स्नैक कैचर स्पेस्लिस्ट रघुवीर सिंह ने बामुश्किल कोबरा को थैले में बंद किया। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि ब्लैक कोबरा अत्यधिक जहरीले सांपों की श्रेणी में आता है। इसके डसने से आदमी की मौत हो सकती है। बताया कि इसको पकड़ने में जान का खतरा बना रहता है। इसे पकड़ने में विभागीय कर्मचारी बचन सिंह, राजेश सिंह, महिपाल सिंह और नरेंद्र सिंह रावत का सहयोग रहा उन्होेेेंने कोबरा को जंगल में छोड़ा।