श्रीनगर। हेनब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वार्ता सफल होने का दावा किया है, लेकिन छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।
मंगलवार को प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता हुई। इसमें छात्रों की 14 सूत्री मांगों पर चर्चा की गई। छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन में कुछ मुद्दों पर सहमति बनी तो अधिकांश पर गर्मागर्म बहस भी हुई। छात्रों ने मार्कशीट पर केंद्रीय विश्वविद्यालय अंकित करवाने की मांग दोहराई। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के वाहनों, लेटरपैड, साइन बोर्ड आदि पर केंद्रीय विवि अंकित है। जबकि छात्रों की मार्कशीट पर केंद्रीय विवि अंकित करने की बात आती है तो अधिकारी नियम-कानूनों की दुहाई देने लगते हैं। छात्रों ने मार्कशीट पर जल्द से जल्द केंद्रीय विवि अंकित करवाने की मांग की। कुलपति प्रो. एलजे सिंह ने कार्य परिषद व विद्या परिषद की बैठक में इसका प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया है।
छात्रों ने वाई-फाई के लिए अस्थायी व्यवस्था को भी नकार दिया है। कहा कि यह सुविधा स्थायी रूप से शुरू की जाए। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि छात्रों के साथ वार्ता सकारात्मक रही है। जिन बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है उन्हें लिखित में छात्रों को सौंप दिया जाएगा। निर्धारित से अधिक फीस लेने के आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है, जो 1 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट विवि को सौंपेगी। उन्होंने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है।
दूसरी ओर छात्रों ने वार्ता को असफल करार दिया है। छात्रसंघ अध्यक्ष दिव्यांशु बहुगुणा, महासचिव रजनीश लिंगवाण, पूर्व महासचिव दर्शन दानू, ऋतांशु कंडारी, पुष्पेंद्र पंवार आदि ने कहा कि फीस के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। विश्वविद्यालय ने एमबीए व बीकॉम के कंप्यूटराइज्ड अकाउंट विषय में छात्रों से निर्धारित से अधिक फीस वसूली है। छात्रों ने इसे वापस करने की मांग की, जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने नकार दिया। छात्रों ने फिर से दोहराया है कि सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता में कुलसचिव प्रो पीएस राणा, प्रो. वाईके तोमर, प्रो. एमसी भट्ट, डा. मोहन पंवार, मनोज रावत, सूर्यांशू रावत, मंजीत सिंह आदि शामिल थे।