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पॉलीथिनमुक्त शहर की ओर बढ़ा शहर

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कोटद्वार। व्यापारियों, सब्जीवालों, स्वयंसेवी संगठनों, स्कूल कालेजों के छात्र-छात्राओं और पॉलीथिन उन्मूलन का संकल्प लेने में सबसे बड़ा योगदान देने वाली नगर पालिका परिषद, तहसील प्रशासन और शहरवासियों की मुहिम आखिर रंग ले आई है। पिछले चार दिन से शहर में पॉलीथिन नजर नहीं आ रही। अब उपभोक्ता सब्जी और राशन के लिए घर से कपडे़ के थैले लेकर पहुंच रहे हैं। शहर तेजी के साथ पॉलीथिनमुक्त होने की दिशा में बढ़ रहा है। बाजार की हवा देखते हुए लोगों ने घर में बचीखुची पॉलीथिन भी कूडे़ में फेंकनी शुरू कर दी है।
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राज्य गठन के बाद से यह पहला मौका है जब शहर पॉलीथिनमुक्ति की ओर बढ़ चला है। जानकारी के अभाव में घर से मोटी पॉलीथिन के बैग लेकर बाजार आने वाले लोगों पर नगर पालिका की नजरें गढ़ी हैं। उन्हें इसके बदले में जहां कॉटन के बैग थमाए जा रहे हैं, वहीं इस बैग की कीमत भी उनसे जुर्माने के रूप में दस रुपये से 50 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। पॉलीथिन अभियान की सफलता से शहर का हर नागरिक उत्साहित है। उनका कहना है कि ‘इस बार नहीं, तो कभी नहीं।’
एसडीएम पूरण सिंह राणा का कहना है कि प्रशासन भी पॉलीथिन अभियान पर नजर रखे हुए है। हर अधिकारी और कर्मचारी अभियान को सफल बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। शहर का नागरिक होने के नाते सभी का कर्तव्य है कि वे हर तरफ से पॉलीथिन को हतोत्साहित करे।
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पालिका ने काटे 20 के चालान
नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा के नेतृत्व में जहां शहरभर में पालिका की टीम अभियान पर नजर रख रही है, वहीं अपने-अपने क्षेत्रों में सभासद भी पॉलीथिन के इस्तेमाल पर संवेदनशील हैं। सभासद माया ध्यानी, रंजना रावत, विवेक अग्रवाल, रेशमा परवीन, प्रमोद भाटिया, महेश भाटिया, विनय भाटिया, इमरान, ज्योति चौधरी, लता शाह और रमेश चौधरी के नेतृत्व में कई टीमें शहरभर में घूम रही हैं। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसमें लगाया गया है। विभिन्न स्वंय सेवी संगठनों से जुडे़ सदस्य और पदाधिकारी भी निरंतर निगरानी का जिम्मा संभाले हैं। शनिवार को पालिका की टीमों ने देवीरोड, मुख्य बाजार, बदरीनाथ मार्ग, अस्पताल मार्ग की ओर भ्रमण कर करीब 20 लोगों के चालान काटे।

रोटरी क्लब ने बांटे थैले
शहर को साफ-सुथरा बनाने और पॉलीथिन हटाने में रोटरी क्लब की भूमिका को भी सराहा जा रहा है। पिछले चार दिन से क्लब से जुडे़ सदस्य, नगर पालिका के साथ मिलकर लोगों को पॉलीथिन के नुकसान की जानकारी देने के साथ ही उन्हें जूट और कॉटन के थैले बांट रहे हैं। शनिवार को क्लब के सहायक मंडल अध्यक्ष शरत चंद्र गुप्ता, जेएस उपाध्याय, सचिव सचिन गोयल, गोपाल बंसल, अनिल चावला, विजय माहेश्वरी, मयंक प्रकाश चौधरी, दिनेश रस्तोगी, वाईपी गिरला, भुवनेश कुंज, अनिल भोला, एमकेवीएन इंटरेक्ट क्लब के अध्यक्ष अविनाश पोखरियाल, नरेंद्र गोयल, दिनेश चंद्र और उमेश अग्रवाल आदि ने लोगों को कॉटन के थैले बांटकर पॉलीथिन से दूर रहने की नसीहत दी। सदस्यों ने सब्जी और राशन विक्रे ताओं को ‘पॉलीथिन हटाओ, कोटद्वार बचाओ’ का नारा दिया।

फोटो...
लोग बोले..
कोटद्वार में पॉलीथिन प्रतिबंध का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी पड़ रहा है। हम लोगों ने भी जूट के थैले मंगवा लिए हैं। लोगों को यह समझना होगा कि पॉलीथिन पर्यावरण ही नहीं खेती के लिए भी दुश्मन है।
-वीरेंद्र भारद्वाज, निवासी झंडीचौड़

कोटद्वार बाजार मेंपॉलीथिन प्रतिबंध का निर्णय अच्छा कदम है। इससे भी अच्छा संकेत है कि यह प्रभावी तरीके से क्रियान्वित हो रहा है। भाबर के सभी कस्बे और बाजारों में भी इसका क्रियान्वयन होना चाहिए।
-आनंद धूलिया, किशनपुर

पॉलीथिन को लेकर अभियान तो कई बार चले, मगर इस बार सफलता मिल सकी है। अभियान की सफलता से हर शहरवासी उत्साहित है। अब यह शहर में दोबारा नहीं घुसनी चाहिए। लोगों को इसके फायदे नजर आने लगेंगे।
-मनोज नैथानी, कोटद्वार

शहरवासियों के सहयोग से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने पॉलीथिन उन्मूलन की दिशा में सफलता हासिल कर ली है। अब सभी लोगों को इसे आगे बढ़ाकर अभियान को मंजिल तक पहुंचाना है। यह बड़ी कामयाबी है।
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-विजय माहेश्वरी, कोटद्वार
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