श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज में पीजी कोर्स को लेकर एमसीआई की टीम ने निरीक्षण शुरू कर दिया है, लेकिन कालेज के कई विभागों में प्रोफेसर नहीं होने की वजह से पीजी कोर्स की मान्यता खटाई में पड़ सकती है।
मेडिकल कालेज ने 18 कोर्सों के लिए एमसीआई से आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय से फैकल्टी और प्रोफेसर के रिक्त पदों की वजह से पीजी कोर्स खुलने पर विराम लग सकता है। मेडिकल कालेज के बेस अस्पताल में मेडिसिन, रेडियोलॉजी, डर्मेटोलॉजी, साइकेट्री, टीबी चेस्ट आदि विभागों में डाक्टरों की कमी बनी हुई है। ऐसे में पीजी कोर्स खुलने की संभावनाएं खत्म हो सकती है। मेडिसिन विभाग में दो, डर्मेटोलॉजी में एक, टीबी चेस्ट में एक, साइकेट्री, रेडियोलॉजी विभाग में एक भी फैकल्टी मौजूद नहीं है।
आज भी होगा निरीक्षण
मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन एवं फिजियोलॉजी विभाग के लिए एमसीआई की एक-एक सदस्यीय टीम निरीक्षण कार्य करेगी। इसमें टीम पीजी कोर्स शुरू करने की संभावनाओं को तलाशेगी।
दो विभागों के लिए शासनादेश जारी
गाइनी एवं ऑब्स तथा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर पदों के लिए बुधवार को देहरादून में हुए वॉक इन इंटरव्यू के दौरान शासन ने पहले से ही दोनों विभागों में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुचित्रा जैन, डा. अनिल साहनी को प्रोफेसर पद पर नियुक्ति दे दी है।
- जिन विभागों में प्रोफेसर पद पर डाक्टर नहीं हैं, वहां पर पीजी कोर्स शुरू किया जाना संभव नहीं हो पाएगा। हालांकि हमने एमसीआई से सभी 18 विषयों पर पीजी कोर्सों के लिए आवेदन किया था।
-डा. वीएल जहागिरदार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज