कोटद्वार/ पौड़ी। दुगड्डा में पुलिस कर्मियों द्वारा जीप चालक पूर्व सैनिक भगवान सिंह की पिटाई करने के मामले में पुलिस अधीक्षक विमला गुंज्याल ने दो पुलिस कांस्टेबल निलंबित कर दिए हैं। अब इस मामले में निलंबित पुलिस कर्मियों की संख्या चार हो गई है। इनका निलंबन सीओ की जांच रिपोर्ट में की गई संस्तुति के आधार पर किया गया। इसके साथ ही कोतवाल अंशु चौधरी का लक्ष्मणझूला तबादला किया गया है। उनके स्थान पर अनिल जोशी नए थानाध्यक्ष होंगे।
पौड़ी में एसपी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक विमला गुंज्याल ने बताया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कराई जांच में दो और कांस्टेबल प्रवीन कुमार और गोवर्द्धन प्रसाद दोषी पाए गए हैं। जिन्हें निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो पुलिस कांस्टेबलों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
नवें दिन भी जारी रहा आंदोलन
कोटद्वार। ड्राइवर भगवान सिंह पिटाई के विरोध में चल रहा धरना नवें दिन भी जारी रहा। जन संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे धरने में कोई कार्रवाई नहीं होने पर रोष जताया गया।
तहसील में धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि भगवान सिंह को न्याय दिलाने में शासन-प्रशासन नाकाम रहा है। समिति का कहना है कि सरकार पूर्व सैनिकों को सम्मान देने की बात करती है, लेकिन बेरहमी से पीटे गए टैक्सी चालक को न्याय दिलाने में क्यों पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि सीओ और कोतवाल सहित अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन में पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, आनंद सिंह, जगाधर सिंह नेगी, महानंद ध्यानी, पैनो घाटी एकता मंच के अध्यक्ष ठाकुर सिंह नेगी, सुनीता नेगी, उत्तराखंड जन क्रांतिदल के महामंत्री महेंद्र सिंह रावत, भारत मिश्रा, अनूप थपलियाल, पिंकी नेगी, गीता बुड़ाकोटी, भरत नेगी, आदि मौजूद थे।
नेगी का पुतला फूंका
कोटद्वार। चालक पिटाई मामले में तहसील में आकर भाजपाइयों ने स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का पुतला फूंका। उन्होंने नेगी और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि कोटद्वार के विधायक कैबिनेट मंत्री हैं लेकिन क्षेत्र में कानून व्यवस्था को वह सुधार नहीं पा रहे हैं। धरने पर बैठे कांग्रेसियों की ओर से विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच हंगामा भी हुआ। बाद में बीच-बचाव कर दोनों पक्षों में सहमति बन गई और उन्होंने एक साथ बैठकर धरना दिया।
संसदीय क्षेत्र स्तर पर करेंगे प्रदर्शन
कोटद्वार। जीप चालक पिटाई मामले में कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित भाजपाइयों ने गढ़वाल संसदीय क्षेत्र में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र रावत ने बताया कि सरकार की कार्यप्रणाली से कार्यकर्ताओं में रोष है। नौकरशाही पर अंकुश लगाने में सरकार फेल हो चुकी है।
सिपाहियों की सजा अफसरों को देना गलत
कोटद्वार। तृष्णा वैलफेयर सोसाइटी ने चालक पिटाई मामले में कहा है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन उनकी करनी की सजा दूसरे अधिकारियों को नहीं मिलनी चाहिए। एक पुलिस कर्मी थाने से दूर कोई गलती करता है तो उसमें अधिकारी का दोष नहीं होता। संस्था के अवनीश, रिंकू, शांति, शिल्पी का कहना है कि सिर्फ दोषी पुलिस कर्मियों कोे ही सजा मिले। निर्दोेष को न फंसाया जाए।
विधायक रावत ने दिया धरना
पौड़ी। लैसडौन के विधायक महंत दिलीप रावत ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने एसपी से 18 अगस्त को दुगड्डा में पुलिस कर्मियों द्वारा जीप चालक की पिटाई करने के मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के निलंबन की मांग की। लैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत मंगलवार को करीब ढाई बजे समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कहा एक सप्ताह बाद भी दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न होना आश्चर्यजनक है। पुलिस अधीक्षक विमला गुंज्याल द्वारा इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त किया गया। धरना देने वालों में पूर्व विधायक बृज मोहन कोटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार पोरी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कमला रावत, महेंद्र सिंह, दिगंबर रावत, मनीष भट्ट आदि मौजूद थे।