पौड़ी। जिले में शिक्षा विभाग के लिए पांच छात्र संख्या वाले स्कूल और 125 छात्र संख्या वाले स्कूलों में शायद कोई फर्क नहीं है। तभी तो विभाग ने पांच या इससे कम छात्रसंख्या वाले दर्जनों स्कूलों में भी दो-दो शिक्षक तैनात किए हुए हैं। सौ से अधिक छात्र संख्या वाले थलीसैण ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय मनसारी, रिश्ती समेत कई स्कूलों में भी दो-दो शिक्षकों की ही तैनाती की गई है।
पौड़ी जिले में वर्तमान में करीब 1649 प्राइमरी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से सौ स्कूलों में पांच से कम विद्यार्थी पढ रहे हैं। विभाग इन स्कूलों में पढ रहे बच्चों पर खूब मेहरबान है। छात्र संख्या कम होने के बावजूद विभाग ने इनमें से प्रावि बहेली, सिरोली, पाली समेत अधिकांश स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात किए हुए हैं। दूसरी तरफ थलीसैण प्रखंड के प्रावि मनसारी, कठ्यूड, रिश्ती समेत कई स्कूल ऐसे हैं जो सुदूरवर्ती क्षेत्रों में हैं। इन स्कूलों में सौ से अधिक विद्यार्थी पढ रहे हैं। इनमें से प्रावि मनसारी में तो सवा सौ से अधिक छात्र संख्या है। रिश्ती में 103, कठ्यूड़ में 107, कुड़ेथ में 100 से अधिक विद्यार्थी पढ रहे हैं। छात्र संख्या अधिक होने के बाद भी विभाग ने इनमें भी दो-दो ही शिक्षकों की तैनाती की गई है। कम शिक्षक होने के कारण इनमें पठन पाठन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
एक छात्र एक शिक्षक
पौड़ी। जिले में पौड़ी ब्लाक भिमली मल्ली समेत छह स्कूलों में एक ही विद्यार्थी है। विभाग द्वारा इन स्कूलों में भी एक-एक शिक्षक की तैनाती की हुई है। इनमें कार्यरत शिक्षकों को एक ही छात्र को पढ़ाने के लिए स्कूल जाना पड़ता है।
प्रधानाध्यापकों के 178 पद खाली
पौड़ी। जिले में संचालित हो रहे प्राइमरी विद्यालयों में 1367 प्रधानाध्यापकों और 1961 सहायक शिक्षकों के पद सृजित है। वर्तमान में प्रधानाध्यापकों के 178 और सहायक अध्यापकों के 534 पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर करीब 437 शिक्षा मित्रों और 234 टीईटी पास विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को नियुक्त किया गया है।
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‘कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में भी मानकों के अनुसार दो शिक्षक तैनात किए गए हैं। ताकि एक शिक्षक के अवकाश में जाने पर विद्यालय बंद न हो।’ -यशवंत चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पौड़ी