पौड़ी। क्षेत्र पंचायत पौड़ी की विकासखंड कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। इससे नाराज कुछ जनप्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए।
विकासखंड सभागार में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बैठक में सक्षम अधिकारी नहीं आते। यही वजह है कि यहां जिन विषयों पर चर्चा होती है, उन पर अमल नहीं होता। क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद रावत ने कहा कि इस तरह की बैठक का कोई औचित्य नहीं है। बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्होंने बैठक का बहिष्कार करते हुए कहा कि जब इस बैठक में कुछ होना ही नहीं है तो बैठक का कोई मतलब नहीं है। अमकोटी के ग्राम प्रधान संतलाल ने कहा कि ग्राम प्रधानों ने बैठक का बहिष्कार किया है, यही वजह है कि अधिकतर ग्राम प्रधान बैठक में शामिल नहीं हुए। इससे पूर्व बैठक में लोक निर्माण विभाग पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि लोनिवि की ओर से सड़क बनाई जा रही हैं, लेकिन पानी की निकासी के लिए सड़क किनारे पक्की नालियों का निर्माण नहीं किया जा रहा। इससे सड़कें बनते ही क्षतिग्रस्त हो रही हैं। बैठक में क्षेत्र पंचायत प्रमुख संतोषी रावत, ज्येष्ठ उप प्रमुख हरदयाल सिंह पटवाल, बीडीओ पीके त्रिवेदी, बैंग्वाड़ी की प्रधान मधु खुगशाल, चवथ की प्रधान पूनम देवी, धना की प्रधान कुसुमा देवी, बुडोली की प्रधान इंदू देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य उफल्डा अनिता देवी, काण्डई मल्ली की कमला देवी, रतना देवी आदि शामिल रही। बैठक का संचालन मुकेश डिमरी ने किया।