पौड़ी। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद का सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण अंतिम दौर में है। आयोग सर्वे पूरा होते ही मार्च के पहले पखवाड़े में अल्मोड़ा जनपद के विकास की रूपरेखा पर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।
उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग उत्तराखंड में जनपदवार पलायन की स्थिति का आकलन करने में जुटा हुआ है। जनपद पौड़ी का सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण कर आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप चुका है। सर्वे के प्राथमिक आंकड़ों में जनपद अल्मोड़ा में पौड़ी की अपेक्षा कम पलायन देखने को मिल रहा है। कृषि जोत में भी अल्मोड़ा में पौड़ी की अपेक्षा कम गिरावट आई है। अल्मोड़ा जनपद के भिकियासैण ब्लाक में पलायन सबसे ज्यादा बढ़ा है। इसके बाद स्याल्दे, चौखुटिया व सल्ट विकासखंडों में पलायन हुआ है। महिला अनुपात ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार पुरुषों पर 1177 है, लेकिन शहरों में स्थिति चिंताजनक है। यहां महिला अनुपात एक हजार पुरुषों पर 848 है। कृषि जोत जो वर्ष 2011-12 में 31 फीसदी थी, वह 2016-17 में घटकर 21 प्रतिशत हो गई है, लेकिन जनपद पौड़ी के 13 प्रतिशत और राज्य के औसत 10 प्रतिशत से ज्यादा है। जनपद अल्मोड़ा में प्रतिव्यक्ति आय 96768 रुपये ही है।
आयोग के उपाध्यक्ष डा. शरद सिंह नेगी ने बताया कि जनपद अल्मोड़ा का सामाजिक व आर्थिक सर्वेक्षण अंतिम दौर में है, जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। आयोग मार्च के पहले पखवाड़े में सिफारिशें सरकार को सौंप देगा।
जिला स्तरीय अधिकारियों की लेंगे बैठक
पौड़ी। उत्तराखंड ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष 18 व 19 फरवरी को यहां जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेंगे, जिसमें जनपद की भौगोलिक, सामाजिक व आर्थिक स्थिति पर मंथन किया जाएगा।