श्रीनगर। विश्वविद्यालयों और डिग्री कालेजों के अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाए जाने संबंधी यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) का आदेश गढ़वाल विवि के कुछ अतिथि शिक्षकों पर भारी पड़ेगा।
यूजीसी के निर्देशानुसार सभी शिक्षण संस्थाओं में एक कमेटी गठित कर नियमानुसार अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। गढ़वाल विवि प्रशासन का कहना है कि यूजीसी से गाइड लाइन मिलने के बाद इस पर कोई कार्रवाई की जाएगी। हालांकि विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिक्त पदों के सापेक्ष नियुक्त अतिथि शिक्षकों को ही यूजीसी के नियमानुसार मानदेय दिया जाएगा। जिन अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति रिक्त पदों के सापेक्ष नहीं हुई है, उन्हें सेवा से बाहर होना पड़ेगा। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यूजीसी के निर्देशानुसार रिक्त पदों के सापेक्ष नए सिरे से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वर्तमान में गढ़वाल विवि में करीब 250 अतिथि शिक्षक तैनात हैं। बताया जा रहा है कि अधिकांश अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति रिक्त पदों के सापेक्ष नहीं हुई है। यूजीसी के निर्देशानुसार अब अतिथि शिक्षकों को अधिकतम 50 हजार तक मानदेय दिया जाएगा। प्रति व्याख्यान 15 हजार रुपये अतिथि शिक्षकों के लिए नियत किया गया है।
अभी इस संबंध में यूजीसी से गाइड लाइन नहीं मिली हैं। गाइड लाइन मिलते ही इसे लागू किया जाएगा। रिक्त पदों के सापेक्ष ही नियुक्ति की जाएगी। जल्द कमेटी गठित कर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति, गढ़वाल विवि।