पौड़ी। क्लाउड कंप्यूटिंग भविष्य की आवश्यकता है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि इसमें मेन पावर की जरूरत भी कम होगी। शिक्षा, शोध जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। यह बात एनआईटी दिल्ली के कंप्यूटर साइंस विभाग के डा. करन वर्मा ने यहां जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी में आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि कही।
टेक्निकल एजुकेशन क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम (टीक्यूप) के तहत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि इसमें विभिन्न गतिविधियों को एक ही क्लाउड में डाला जाता है, जिससे किसी काम को करने में समय की बचत होगी। बदलते दौर में समय की बहुत उपयोगिता है। शिक्षा, शोध आदि विभिन्न क्षेत्रों के लिए यह महत्वपूर्ण है। एचबीटीयू कानपुर से डा. नरेंद्र कोहली ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्लाउड कंप्यूटिंग की जानकारी दी। कार्यशाला में बिट क्वाइन सॉफ्टवेयर के विभिन्न उपयोगों की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में कुलसचिव डा. एचएस भदौरिया, भूमिका गुप्ता, वीएम ठक्कर, अभिषेक गुप्ता, रमेश कुमार, अश्वनी सैनी, जोगिंदर कुमार, मुकेश कुमार, सिद्ववान व सुरेश निराला आदि मौजूद रहे।