पौड़ी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने ग्राम प्रधानों को घरों में जैविक व अजैविक कूड़े का निस्तारण करने के लिए डीप पिट व दूषित पानी के लिए सोखता पिट निर्माण करने की तकनीक बताई।
जिला परियोजना प्रबंधन इकाई (स्वजल परियोजना) की ओर से विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता सीडीओ रवनीत चीमा ने की। उन्होंने कहा कि राज्य ओडीएफ घोषित हो चुका है, लेकिन सरकार के ओडीएफ प्लस के संकल्प को आगे बढ़ाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत सभी गांव, कस्बों व नगरों को कूड़ा मुक्त करने तथा उन्हें स्वच्छ रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पर्यावरण विशेषज्ञ डा. लोकेंद्र सिंह चौहान ने दृश्य एवं श्रव्य के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने तीन आर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) के तहत कूड़े को एकत्रित करने तथा उसके वैज्ञानिक उपयोग की विधियां बताई।
इस मौके पर एपीडी सुनील कुमार, डीडीओ वेद प्रकाश, स्वजल के इकाई समन्वयक एमएम मुस्तफा, बीरेंद्र भट्ट, डीपीआरओ एमएम खान, बीडीओ सुमन राणा, आरएस चौहान, सुरेंद्र नौटियाल, पीके त्रिवेदी, रमेश चंद्र, ग्राम प्रधान आशा देेवी, गीता देवी, ललित सिंह, राजेंद्र सिंह, आनंद सिंह, दीपक जुगरान व बिजेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।