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मिडसमर नाइट्स ड्रीम्स में बच्चों ने दिखाये रंगीन सपने

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श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में आयोजित जश्न-ए-बचपन नाट्य महोत्सव में ‘मिडसमर नाइट्स ड्रीम्स’ नाटक का मंचन किया गया। मशहूर नाटककार विलियम्स शेक्सपीयर द्वारा लिखित इस नाटक में बाल कलाकारों ने हंसते-गुनगुनाते दोस्ती की गाथा लिखी।
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गढ़वाल विवि के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र में चल रहे पांच दिवसीय नाट्य महोत्सव का रविवार देर शाम समापन हो गया। यह महोत्सव एमए थियेटर के छात्र-छात्राओं के प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए कार्यशाला के रुप में कराया जाता है, जिसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चों को प्रशिक्षण देकर नाटक का मंचन किया जाता है। रविवार को महोत्सव के आखिरी दिन शेक्सपियर के नाटक मिडसमर नाइट्स ड्रीम्स का मंचन किया गया, जिसे मार्शल पब्लिक स्कूल के बच्चों ने तीन भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी व गढ़वाली) में प्रस्तुत किया। नाटक में बाल कलाकारों ने हास्य प्रस्तुति से दर्शकों को खूब मनोरंजन किया। नाटक की कहानी परियों, राजा-रानी और अनपढ़ गांववालों के बीच घूमती है। कहानी की शुरुआत राजा के बेटे और ब्राह्मण के बेटे के बीच विवाद से होती है। राजा का बेटा ब्राह्मण के बेटे पर मारने का झूठा आरोप लगाता है, लेकिन राजा की बेटी ब्राह्मण के बेटे को अच्छा मानती है। उसे राजा के कोप से बचाने के लिए वह ब्राह्मण के बेटे को जंगल पारकर उसके चाचा के यहां ले जाती है। वह यह सोचती है कि यदि वह कुछ दिन यहां रहेगा, तो सब ठीक हो जाएगा। संयोगवश इसी जंगल में गांव के लोग भी राजा के सालगिरह के लिए नाटक तैयार कर रहे होते हैं। इसी दौरान जंगल में परियां आसमान से उतर आती हैं। यहीं सब आपस में मिलते हैं। सभी अपनी-अपनी गलती मानकर मिलजुल कर रहने लगते हैं। इसके बाद गांववाले राजा की सालगिरह पर नाटक का मंचन करते हैं और सभी हंसी-खुशी अपने घर चले जाते हैं। नाटक में आयुष नेगी, सचिन, महक, फातिमा, संस्कार व आर्यन आदि ने अभिनय किया। इस अवसर पर डा. संजय पांडेय, डा. अजीत पंवार, डा. कुलीन जोशी, महेश गिरि आदि मौजूद थे।
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