श्रीनगर। पं. मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड ट्रेनिंग के तहत साइंस मोटिवेशन प्रोग्राम पर छह दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। गढ़वाल विवि के स्कूल ऑफ एजुकेशन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में बीएड व एमएड के छात्रों सहित विभिन्न स्कूलों के शिक्षक भी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना ही सबसे बड़ा निवेश है।
बुधवार को बिड़ला परिसर के सीनेट हॉल में कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि गढ़वाल विवि के वित्त अधिकारी प्रो. एनएस पंवार ने कहा कि छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण व्यवहारिक रूप में अपनाने होंगे। प्रो. बिष्ट ने कहा कि प्रयोगात्मक शिक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्यशाला संयोजक प्रो. पीके जोशी ने कहा कि मानव के विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देना ही सबसे बड़ा निवेश है। बालिकाओं की प्राथमिक शिक्षा सबसे अधिक महत्व रखती है। विशिष्ट अतिथि अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (गढ़वाल) महावीर बिष्ट ने कहा कि भारत के वेदिक कालीन शिक्षा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़कर नजरिया विकसित करने की आवश्यकता है। बिष्ट ने कहा कि बच्चे की रुचि के अनुसार शिक्षा दी जानी चाहिए। आयोजन सचिव डा. रमा मैखुरी ने कहा कि विज्ञान को व्यवहारिक जीवन का भाग बना कर बच्चों में विज्ञान शिक्षा के प्रति रुचि पैदा करें। डा. अनिल नौटियाल ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. मोनिका गुप्ता, प्रो. किरण डंगवाल, प्रो. इंदू पांडे खंडूड़ी आदि मौजूद थे।